नगर पालिका परिषद बलरामपुर का 155वां स्थापना दिवस भव्य समारोह में मनाया गया साहित्य,संस्कृति और सामाजिक समरसता पर जोर

नगर पालिका परिषद बलरामपुर का 155वां स्थापना दिवस भव्य समारोह में मनाया गया साहित्य,संस्कृति और सामाजिक समरसता पर जोर

बलरामपुर (भा.सं.)। आदर्श नगर पालिका परिषद, बलरामपुर का 155वां स्थापना दिवस आज एम.एल.के. पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, सामाजिक सरोकार तथा प्रतिभा सम्मान से जुड़े विविध आयोजन किए गए, जिनमें नगर के सामाजिक व सांस्कृतिक जीवन को उजागर करने वाले कई कार्यक्रम प्रमुख रहे। समारोह का शुभारंभ महाराजा जयेंद्र प्रताप सिंह तथा मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

  इस अवसर पर नगर के विकास, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने के प्रति समर्पण व्यक्त किया गया। समारोह के प्रथम सत्र में सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक एवं अन्य विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों, स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों और विशिष्ट प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने सम्मानित सदस्यों को पुरस्कार देकर उनके योगदान की सराहना की।

 द्वितीय सत्र में देवीपाटन पीठाधीश्वर महंत मिथिलेश नाथ योगी जी महाराज, विधायक बलरामपुर सदर पल्टूराम, जिलाधिकारी डॉ विपिन कुमार जैन एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। अपने संबोधनों में अतिथियों ने नगर पालिका परिषद द्वारा साहित्य, संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। 

 कार्यक्रम के दौरान नगर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति, लोकसंस्कृति और सामाजिक जागरूकता पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने उत्साहवर्धक रूप से सराहा। सायंकाल आयोजित संगीत संध्या में आमंत्रित कलाकारों व स्थानीय प्रतिभाओं ने मनमोहक प्रस्तुति दी, जबकि रात में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में प्रतिष्ठित कवियों व शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर किया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों, कलाकारों और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। 

 कार्यक्रम के समापन पर नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि नगर की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा नई पीढ़ी को साहित्य, संगीत एवं कला से जोड़ने के लिए इस प्रकार के आयोजन निरंतर जारी रखे जाएँगे।