उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर डॉ. त्रिपाठी ने रामचरितमानस शैली में लिखी पुस्तक गुजरात के राज्यपाल को भेंट की

उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गांधीनगर के सह-आचार्य डॉ. आनंद कुमार त्रिपाठी ने रामचरितमानस शैली में लिखी अपनी अनूठी पुस्तक ‘भारतीय न्याय संहिता : एक काव्य खंड’ गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को भेंट की।

उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर डॉ. त्रिपाठी ने रामचरितमानस शैली में लिखी पुस्तक गुजरात के राज्यपाल को भेंट की

गांधीनगर (गुजरात),।  उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर 24 जनवरी 2026 को गुजरात लोक भवन में भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामय अवसर पर राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के सह-आचार्य (विधि) डॉ. आनंद कुमार त्रिपाठी ने अपनी अनूठी पुस्तक ‘भारतीय न्याय संहिता : एक काव्य खंड’ गुजरात राज्य के महामहिम राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत जी को भेंट की।

भारतीय न्याय संहिता का काव्यात्मक रूप

इस पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें भारतीय न्याय संहिता की सभी धाराओं को रामचरितमानस की शैली में चौपाइयों और दोहों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। यह कार्य भारतीय विधि जगत में अपनी तरह का पहला प्रयास माना जा रहा है।

डॉ. त्रिपाठी भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को सशक्त करने वाले पहले विधि लेखक हैं, जिन्होंने कानून को काव्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया है।

विशिष्ट अतिथियों की रही उपस्थिति

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री के. के. शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति और प्रशासन से जुड़े कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

सुलतानपुर जनपद को किया गौरवान्वित

डॉ. आनंद कुमार त्रिपाठी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जनपद के देवरिया गांव के निवासी हैं। हाल ही में उनकी इस पुस्तक का विमोचन भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के कर-कमलों द्वारा 50वीं स्वर्ण जयंती अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर में किया गया था।

डॉ. त्रिपाठी ने अपने इस उल्लेखनीय और नवाचारपूर्ण कार्य से जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर सुलतानपुर जनपद का नाम गौरवान्वित किया है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह के दौरान गुजरात, असम और उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने अपनी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया और कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

 - संजय दुबे