पहाड़ों में सड़क हादसों का कहर: उधमपुर बस दुर्घटना समेत कई हादसों ने बढ़ाई चिंता

पहाड़ों में सड़क हादसों का कहर: उधमपुर बस दुर्घटना समेत कई हादसों ने बढ़ाई चिंता
लेखक नरेन्द्र भारती

तेज रफ्तार, लापरवाही और नियमों की अनदेखी बन रही जानलेवा, एक ही दिन में कई दर्दनाक घटनाएं

देश में लगातार बढ़ते सड़क हादसों ने एक बार फिर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। खासकर पहाड़ी इलाकों में तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

सोमवार सुबह करीब 10 बजे उधमपुर जिले में यात्रियों से भरी एक बस गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण हादसे में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 61 लोग घायल हो गए। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।

इसी दिन देर रात करसोग क्षेत्र के अलसींडी-कंलगार में एक वाहन खाई में गिर गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई। वहीं हाल ही में कुल्लू जिले के बंजार इलाके में भी एक ट्रेवलर के खाई में गिरने से चार पर्यटकों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। बताया गया कि वाहन में 22 लोग सवार थे, जिनमें से 18 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का पालन कब सुनिश्चित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी रास्तों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां वाहन चलाना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन कई चालक अनुभव की कमी और तेज रफ्तार के कारण हादसों को न्योता देते हैं।

अक्सर देखा गया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक स्थानीय सड़कों की जानकारी के बिना ही वाहन चलाते हैं। ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करना तथा नशे में ड्राइविंग जैसे कारण हादसों को और गंभीर बना देते हैं।

हर साल लाखों पर्यटक मनाली और लाहौल जैसे क्षेत्रों में घूमने पहुंचते हैं, लेकिन यातायात नियमों की अनदेखी उनकी यात्रा को हादसे में बदल देती है।

विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। पुलिस को बाहरी पर्यटकों के लिए जागरूकता शिविर लगाने चाहिए, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसे कदम भी जरूरी हैं।

यदि समय रहते सावधानी और सख्ती नहीं बरती गई, तो पहाड़ों में सड़क हादसों का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा और निर्दोष लोगों की जान जाती रहेगी।