हंगरी में सत्ता परिवर्तन के बाद बड़ा ऐलान, पीएम पीटर मैग्यार ने ओरबान के फैसले पलटने के दिए संकेत

हंगरी में सत्ता परिवर्तन के बाद बड़ा ऐलान, पीएम पीटर मैग्यार ने ओरबान के फैसले पलटने के दिए संकेत

आईसीसी सदस्यता बरकरार रखने की बात, वांछित नेताओं की गिरफ्तारी का किया ऐलान

बुडापेस्ट( भा. स.)। हंगरी में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने कई अहम संकेत दिए हैं। नव निर्वाचित प्रधानमंत्री पीटर मैग्यार ने पूर्व प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान के कई फैसलों को पलटने का ऐलान किया है।

मैग्यार ने स्पष्ट किया कि हंगरी इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) की सदस्यता बरकरार रखेगा और कोर्ट द्वारा वांछित किसी भी नेता के देश में प्रवेश करने पर उसे हिरासत में लिया जाएगा। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

गौरतलब है कि बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर आईसीसी में कार्यवाही चल रही है। ऐसे में मैग्यार का यह बयान खासा अहम माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने हाल ही में नेतन्याहू को हंगरी आने का न्योता भी दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मैग्यार ने कहा कि “यदि कोई देश आईसीसी का सदस्य है और कोई वांछित व्यक्ति उसकी सीमा में प्रवेश करता है, तो उसे कानून के तहत हिरासत में लिया जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हंगरी आईसीसी से बाहर होने के पूर्व सरकार के फैसले को रद्द करेगा।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष विक्टर ओरबान ने हंगरी को आईसीसी से बाहर करने की घोषणा की थी, जो 2 जून 2026 से लागू होने वाली थी। हालांकि, नई सरकार इस फैसले को पलटने की तैयारी में है।

मैग्यार ने यह भी बताया कि उन्होंने 1956 के ऐतिहासिक आंदोलन की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर दुनिया के कई नेताओं को आमंत्रित किया है, जिसमें नेतन्याहू भी शामिल हैं।

हाल ही में हुए चुनावों में पीटर मैग्यार ने विक्टर ओरबान को हराकर सत्ता हासिल की है, जिससे उनके 16 साल लंबे शासन का अंत हो गया। मैग्यार ने चुनाव के दौरान भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक परिवहन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई सरकार के इन फैसलों से हंगरी के यूरोपीय संघ (EU) और नाटो के साथ संबंधों में भी सुधार आ सकता है।

कुल मिलाकर, हंगरी में सत्ता परिवर्तन के साथ विदेश नीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जिनका असर अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।