बॉलीवुड के एक हिस्से में एक स्थायी सोच पनपी हुई है: अभिनव कश्यप
मुंबई (भा.स.)। बालीवुड फिल्म निर्देशक अभिनव कश्यप ने सुपर स्टार सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान के संदर्भ में अपने अनुभव और नाखुशी जाहिर की। अभिनव ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के एक हिस्से में एक स्थायी सोच पनपी हुई है जो नए नजरिये और क्रिएटिविटी को दबा देती है। उनके मुताबिक इंडस्ट्री में यह धारणा फैली है कि फिल्में हीरो के दम पर चलती हैं और फ्लॉप होने पर निर्देशक को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है जिसे उन्होंने जिहादी मानसिकता तक कह डाला। अभिनव ने बताया कि शाहरुख के साथ उनकी करीबी बातचीत रही है और आमिर के साथ भी उन्होंने काम किया है, इसलिए उनके अनुभवों की बुनियाद पर वे इन टिप्पणियों को कर रहे हैं।
शाहरुख के बारे में वे कुछ बातें सार्वजनिक नहीं करना चाहते क्योंकि उनका मानना है कि इससे शाहरुख के परिवार पर असर पड़ सकता है अगर मैं उनके खिलाफ खुल जाऊं तो बहुत कुछ बिगड़ जाएगा, उन्होंने कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि शाहरुख को वे एक पारिवारिक व्यक्ति समझते हैं और उनके घर-परिवार को संकट में नहीं डालना चाहते। वहीं आमिर खान को लेकर अभिनव ने कड़ा रुख अपनाया और उन्हें सबसे चालाक लोमड़ी और मैनिपुलेटिव बताया। उन्होंने कहा कि आमिर ने उन्हें भी कई बार मैनिपुलेट किया और उनके काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। अभिनव ने यह भी दावा किया कि आमिर कई बार कई टेक्स लेते हैं जबकि उनका पहला और आखिरी टेक समान रहता है और उन्होंने कुछ व्यक्तिगत किस्सों का भी जिक्र किया।
सलमान खान पर अभिनव ने पहले भी तीखी बातों की हैं और इस इंटरव्यू में उन्होंने फिर उनसे जुड़ी आलोचनात्मक टिप्पणियां दोहराईं। साथ ही उन्होंने सलीम खान और कुछ अटकलों को जोड़ते हुए विवादित शब्दों का प्रयोग किया, जिनमें उन्होंने लव जिहादी और थूक जिहादी जैसे उपमाओं का इस्तेमाल किया। ये टिप्पणियां सोशल और व्यक्तिगत व्यवहार पर उनकी व्यंग्यात्मक टिप्पणी के रूप में आईं। अभिनव के बयान बॉलीवुड के भीतर चल रहे गहन गुटबाजी और शक्ति-संबंधों की चर्चा को फिर से हवा देंगे। उनके आरोपों और टिप्पणियों ने इंडस्ट्री में सार्वजनिक बहस को नई त्वरितता दी है, जबकि जिन पर निशाना साधा गया है उन्होंने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
Bhartiya Samvad News Agency