टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक बार शून्य पर आउट होने वाले पांच खिलाड़ियों में ईशांत शर्मा भी शामिल

टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक बार शून्य पर आउट होने वाले पांच खिलाड़ियों में ईशांत शर्मा भी शामिल

मुंबई (भा. सं.)। टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजों के साथ-साथ गेंदबाजों के नाम भी कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिन्हें वे शायद याद नहीं रखना चाहेंगे। ऐसा ही एक अनचाहा रिकॉर्ड टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक बार शून्य (डक) पर आउट होने का है। इस सूची में वेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज कर्टनी वॉल्श पहले स्थान पर हैं, जबकि भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा भी शीर्ष पांच खिलाड़ियों में शामिल हैं।

कर्टनी वॉल्श ने 1984 से 2001 के बीच 132 टेस्ट मैच खेले। इस दौरान वह 185 पारियों में रिकॉर्ड 43 बार बिना खाता खोले आउट हुए। हालांकि गेंदबाजी में उन्होंने विश्व क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई, जबकि बल्लेबाजी में उनके नाम यह अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हो गया। उन्होंने टेस्ट करियर में 936 रन बनाए और उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 30 रन रहा।

दूसरे स्थान पर इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड हैं। 2007 से 2023 तक चले अपने टेस्ट करियर में ब्रॉड 244 पारियों में 39 बार शून्य पर आउट हुए। इसके बावजूद उन्होंने बल्लेबाजी में एक शतक और 13 अर्धशतकों की मदद से 3662 रन भी बनाए।

न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज क्रिस मार्टिन इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 2000 से 2013 के बीच 71 टेस्ट मैच खेले और 104 पारियों में 36 बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। अपने पूरे टेस्ट करियर में उन्होंने केवल 123 रन बनाए।

ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा चौथे स्थान पर हैं। 1993 से 2007 तक 124 टेस्ट मैचों की 138 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए वह 35 बार शून्य पर आउट हुए। हालांकि उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 61 रन की पारी खेलकर अपने करियर का एकमात्र अर्धशतक भी बनाया।

भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं। 2007 से 2021 के बीच 105 टेस्ट मैच खेलने वाले ईशांत 142 पारियों में 34 बार बिना खाता खोले आउट हुए। हालांकि उन्होंने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 57 रन की उपयोगी अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता की भी झलक दिखाई।

हालांकि इस सूची में शामिल सभी खिलाड़ी अपनी बल्लेबाजी से अधिक अपनी शानदार गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने अपने-अपने देशों को कई ऐतिहासिक जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।