बीसीसीआई की नई रणनीति: एक साथ खेलेंगी भारत की दो टी20 टीमें
व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर और उभरती प्रतिभाओं को मौका देने के लिए 30-35 खिलाड़ियों का बड़ा पूल तैयार करने की योजना
मुम्बई(भा.स.)। भारतीय क्रिकेट में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अब दो अलग-अलग टी20 टीमों के गठन पर गंभीरता से विचार कर रहा है, ताकि व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के बीच एक साथ दो टीमों को मैदान में उतारा जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, इस साल एशियाई खेल और भारत-वेस्टइंडीज टी20 सीरीज के कार्यक्रमों में संभावित टकराव को देखते हुए यह कदम उठाया जा सकता है। ऐसे में बोर्ड एक मजबूत खिलाड़ी पूल तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।
बीसीसीआई की योजना करीब 30-35 खिलाड़ियों का एक बड़ा पूल तैयार करने की है, जिससे जरूरत पड़ने पर दो अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीमें एक साथ उतारी जा सकें। इससे न केवल कार्यक्रम प्रबंधन आसान होगा, बल्कि देश में उभर रही नई प्रतिभाओं को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित करने का मौका मिलेगा।
बोर्ड के एक अधिकारी के अनुसार, “इस साल कई बड़े टूर्नामेंट और सीरीज एक ही समय पर आयोजित हो रही हैं। ऐसे में हमें पहले से तैयारी करनी होगी, ताकि दोनों टीमों के लिए संतुलित और मजबूत संयोजन तैयार किया जा सके।”
इस योजना के तहत खिलाड़ियों के चयन में घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में प्रदर्शन को विशेष महत्व दिया जाएगा। जो खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें इस पूल में प्राथमिकता मिलने की संभावना है।
इसके अलावा, आगामी आयरलैंड दौरे और एशियाई खेलों के लिए भी इसी रणनीति को लागू किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारतीय क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ को और मजबूत करेगी। चोट या फॉर्म में गिरावट की स्थिति में टीम के पास हमेशा तैयार विकल्प मौजूद रहेंगे, जिससे टीम की निरंतरता और प्रदर्शन दोनों बेहतर होंगे।
अगर यह योजना अमल में आती है, तो भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय शुरू होगा, जहां प्रतिभा और अवसर दोनों का दायरा पहले से कहीं अधिक व्यापक हो जाएगा।
Bhartiya Samvad