तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के साथ उतरे टीम इंडिया, तभी मिलेगा बेहतर संतुलन : दीप दासगुप्ता

तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के साथ उतरे टीम इंडिया, तभी मिलेगा बेहतर संतुलन : दीप दासगुप्ता

नई दिल्ली (भा. सं.)। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मुकाबले में मिली हार के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर दीप दासगुप्ता ने टीम इंडिया के गेंदबाजी संयोजन पर सवाल उठाते हुए उसमें बदलाव की वकालत की है। उनका मानना है कि शेष मुकाबलों में भारतीय टीम को दो नहीं, बल्कि तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के साथ मैदान में उतरना चाहिए।

पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज दासगुप्ता ने कहा कि मौजूदा संयोजन में भारतीय टीम दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों और एक ऑलराउंडर पर निर्भर है, जिससे गेंदबाजी आक्रमण कमजोर नजर आ रहा है। यदि मुख्य गेंदबाजों में से कोई एक लय में नहीं रहता, तो टीम के पास प्रभावी विकल्पों की कमी महसूस होती है।

उन्होंने कहा कि टीम की सबसे बड़ी चिंता उसका गेंदबाजी संयोजन है। केवल दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरने से बीच के ओवरों में विपक्षी बल्लेबाज आसानी से दबाव कम कर लेते हैं और कमजोर कड़ियों को निशाना बनाने में सफल रहते हैं। ऐसे में तीसरे विशेषज्ञ तेज गेंदबाज की मौजूदगी गेंदबाजी आक्रमण को अधिक संतुलित और प्रभावी बना सकती है।

दासगुप्ता ने सुझाव दिया कि टीम प्रबंधन को दो तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर शिवम दुबे के संयोजन की बजाय तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के साथ खेलने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि इससे गेंदबाजों पर कार्यभार भी कम होगा और कप्तान के पास परिस्थितियों के अनुसार अधिक विकल्प उपलब्ध रहेंगे।

उन्होंने तीन स्पिनरों को खिलाने की रणनीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इंग्लैंड की तेज और उछाल भरी पिचों पर आमतौर पर तेज गेंदबाज अधिक प्रभावी साबित होते हैं। इसलिए परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए टीम संयोजन तय किया जाना चाहिए, जिससे भारत शेष मुकाबलों में मजबूत वापसी कर सके।