विराट में आज भी टेस्ट क्रिकेट में वापसी की क्षमता थी : कपिल देव

विराट में आज भी टेस्ट क्रिकेट में वापसी की क्षमता थी : कपिल देव

चंडीगढ़ (भा. सं.)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव का मानना है कि विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि विराट में आज भी भारतीय टेस्ट टीम में वापसी करने की पूरी क्षमता थी और यदि वह कुछ समय तक धैर्य रखते तो दोबारा अपनी जगह बना सकते थे।

कपिल देव ने कहा कि वह विराट के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले से सहमत नहीं थे। उनके अनुसार यह मामला किसी रिकॉर्ड या 10 हजार टेस्ट रन पूरे करने का नहीं था, बल्कि धैर्य और सही समय का था। उन्होंने कहा कि यदि विराट छह महीने और इंतजार करते तथा भावनात्मक प्रतिक्रिया देने के बजाय अपने प्रदर्शन पर ध्यान देते, तो उनके लिए टीम इंडिया के दरवाजे दोबारा खुल सकते थे।

पूर्व विश्व कप विजेता कप्तान ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। यदि चयनकर्ता या टीम प्रबंधन किसी खिलाड़ी को मौका नहीं देते हैं, तो उसे निराश होकर संन्यास लेने की बजाय घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत करनी चाहिए। उनका मानना है कि विराट जैसे खिलाड़ी के लिए वापसी करना बिल्कुल संभव था।

कपिल ने कहा कि यदि चयनकर्ता उन्हें टीम में नहीं चुनते या कप्तान मौका नहीं देता, तब भी उन्हें घरेलू क्रिकेट में रन बनाकर अपनी योग्यता साबित करनी चाहिए थी। उन्होंने विश्वास जताया कि विराट में लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट खेलने की क्षमता मौजूद थी।

विराट कोहली के आक्रामक स्वभाव का जिक्र करते हुए कपिल देव ने उनकी तुलना टेनिस के महान खिलाड़ी जॉन मैकेनरो से की। उन्होंने कहा कि कुछ खिलाड़ी संघर्ष और चुनौती के माहौल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं और विराट भी उन्हीं खिलाड़ियों में शामिल हैं। वहीं राहुल द्रविड़, सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने बल्ले से जवाब देने में विश्वास रखते थे।

हालांकि, कपिल देव ने यह भी स्वीकार किया कि कई बार विराट का आक्रामक रवैया जरूरत से ज्यादा दिखाई देता था, लेकिन संभव है कि यही उनकी सबसे बड़ी ताकत और शानदार सफलता का प्रमुख कारण भी रहा हो।