बलरामपुर: पचपेड़वा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती धूमधाम से मनाई गई; निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 95 मरीजों का हुआ इलाज

बलरामपुर: पचपेड़वा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती धूमधाम से मनाई गई; निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 95 मरीजों का हुआ  इलाज

बलरामपुर (भा.सं.)। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पचपेड़वा के इमलिया कोडर थारू जनजातीय संग्रहालय के ऑडिटोरियम में आयोजित एक गौरवपूर्ण कार्यक्रम के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ और मुख्य अतिथि कमल नयन दास महाराज मणिरामदास छावनी महंत, अयोध्या धाम ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

  मुख्य अतिथि ने कहा कि राष्ट्र और मातृभूमि के लिए समर्पण की भावना को अपनाकर महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि आदिवासी, बनवासी और थारू समाज महाराणा प्रताप के वंशज हैं और ऐसे महापुरुषों से हमें निडरता और समर्पण की प्रेरणा लेनी चाहिए। मुख्य अतिथि ने भगवान श्री राम के आदर्शों का स्मरण कराते हुए कहा कि राम ने जात-पात का भेदभाव नहीं किया; केवट से मित्रता की और शबरी के बेर ग्रहण किए। अतिथियों ने आम जनमानस से अपील की कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रचार करें तथा जात-पात के भेदभाव को खोले। 

  कार्यक्रम में रामपतिशास्त्री, डॉ. रवि शंकर सिंह (कुलपति, मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय), विधायक प्रेम नारायण पांडे, डॉ. विक्रमा प्रसाद पांडे, अशोक प्रताप सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह (धीरू नगर पालिका अध्यक्ष, बलरामपुर), जनार्दन तिवारी, नगर पंचायत अध्यक्ष पचपेड़वा रवि कुमार वर्मा तथा मंगल प्रसाद थारू ने महाराणा प्रताप के जीवन एवं संघर्ष पर विस्तृत प्रकाश डाला। दीनदयाल शोध संस्थान व ग्रामोदय विद्यालय के प्राचार्य आशुतोष शुक्ला, रामकृपाल शुक्ला, रामकृष्ण तिवारी समेत कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। 

  कार्यक्रम का सुचारु संचालन दीनदयाल शोध संस्थान के रामकृष्ण तिवारी ने किया। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाया गया, जिसमें कुल 95 मरीजों का इलाज किया गया और आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा व दवाइयाँ प्रदान की गईं। आयोजन में शामिल हुए लोगों ने महापुरुषों के आदर्शों को याद करने और सामाजिक एकता के संदेश को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।