बलरामपुर: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न सेवाओं की समीक्षा संस्थागत प्रसव व टीकाकरण पर खास जोर

बलरामपुर: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न सेवाओं की समीक्षा संस्थागत प्रसव व टीकाकरण पर खास जोर

बलरामपुर (भा.सं.)। जिलाधिकारी डॉ विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की समग्र समीक्षा की गई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, आशा कार्यकर्ता भुगतान, नियमित टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना, संचारी रोग नियंत्रण अभियानाें एवं उपकेंद्र स्तरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की कार्यप्रणाली तथा जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी-आईपीडी सेवाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने हर गर्भवती महिला के लिए सुरक्षित व शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटाने के लिए संस्थागत प्रसव अनिवार्य है और जिन निजी नर्सिंग होमों द्वारा प्रसव संबंधी आंकड़े स्वास्थ्य विभाग को नहीं दिए जा रहे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ाई से कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी पंजीकरण और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं की नियमित निगरानी पर विशेष बल दिया गया। टीकाकरण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा या गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे। संबंधित अधिकारियों को शत-प्रतिशत नियमित टीकाकरण के लिए प्रभावी माइक्रोप्लान बनाकर फील्ड स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग करने को कहा गया। आशा कार्यकर्ताओं के लंबित भुगतान का शीघ्र निस्तारण करने के भी आदेश दिए गए और आशाओं को अधिक सक्रियता दिखाने पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का आश्वासन दिया गया। बैठक में दस्तक अभियान तथा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियानों के तहत ग्राम स्तर पर स्वच्छता, एंटी-लार्वा छिड़काव, फॉगिंग और जनजागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर इन अभियानों को प्रभावी तरीके से चलाने के निर्देश दिए, ताकि संचारी रोगों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। उपकेंद्र स्तर पर संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की कार्यप्रणाली की समीक्षा में बताया गया कि जनपद के सभी विकास खंडों में कुल 187 आरोग्य मंदिर संचालित हैं, जिनमें 177 पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी तथा सभी में एएनएम तैनात हैं। जून माह में इन केंद्रों पर कुल 71,496 मरीजों का उपचार हुआ। जिलाधिकारी ने उपकेंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं और बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने तथा ग्राम पंचायतों को ग्राम निधि से आवश्यक निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सादुल्लाहनगर में तैनात आयुष चिकित्सक डॉ. जमीर के विरुद्ध चिकित्सीय लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हेतु शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, मरीजों को समयबद्ध उपचार, दवाइयों व जांचों की उपलब्धता तथा शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।