जगद्गुरु शंकराचार्य के समक्ष मुस्लिम समाज ने बढ़ाया गौ-रक्षा का हाथ

जगद्गुरु शंकराचार्य  के समक्ष मुस्लिम समाज ने बढ़ाया गौ-रक्षा का हाथ

इकौना (श्रावस्ती)। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के श्रावस्ती आगमन पर भारत मैरेज लॉन, इकौना में समाजवादी नेता एवं समाजसेवी मसूद आलम ख़ान के नेतृत्व में उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर श्रावस्ती के मुस्लिम समाज की ओर से जगद्गुरु शंकराचार्य को गौ-रक्षा अभियान के समर्थन में एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार से गौवंश के संरक्षण के लिए प्रभावी एवं व्यावहारिक कदम उठाने, निराश्रित गौवंश के समुचित संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा गौमाता को "राष्ट्र माता" का दर्जा दिए जाने की मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आग्रह किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि गाय भारतीय कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण आधार रही है। गौ-सेवा और गौ-रक्षा का संदेश किसी एक धर्म तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता, दया, करुणा और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। सभी धर्मों एवं समुदायों को मिलकर प्रेम, भाईचारे और आपसी सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना चाहिए। मसूद आलम ख़ान ने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक महापुरुषों के ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक सोच, करुणा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि गौ-रक्षा को किसी धर्म विशेष से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों से जुड़े व्यापक विषय के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं लोककल्याणकारी कार्यों की निरंतर सफलता की कामना भी की।इस अवसर पर पूर्व विधायक हाजी रमज़ान, असलम रायनी, हाजी इम्लाक ख़ान, शकील मैक्रानी, अरमान ख़ान, मेराज ख़ान, डॉ. अक़बाल मंसूरी, अज़हर मंसूरी, आसिफ़ लारी, ज़ियाउर्रहमान ख़ान, फ़रमान ख़ान, महफ़ूज़ ख़ान, अताउल्लाह सिद्दीकी, एजाज अहमद, फ़ैज़ ख़ान, मुराद सलमानी, आकिब पठान, अशाद ख़ान, उमर पठान, फहद सूरी, सब्बीर अहमद पप्पू, जैद ख़ान सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।