श्रावस्ती : लगातार दूसरी बार चैंपियन बनी एसएसबी 62वीं वाहिनी भिनगा, 42वीं वाहिनी बहराइच को 3-1 से हराया

श्रावस्ती : लगातार दूसरी बार चैंपियन बनी एसएसबी 62वीं वाहिनी भिनगा, 42वीं वाहिनी बहराइच को 3-1 से हराया

भिनगा ,श्रावस्ती ( भा. सं) । 62वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) भिनगा द्वारा 06 से 11 जुलाई 2026 तक आयोजित अंतर वाहिनी फुटबॉल प्रतियोगिता का शनिवार को भव्य समापन हुआ। रोमांचक फाइनल मुकाबले में मेज़बान 62वीं वाहिनी भिनगा ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 42वीं वाहिनी बहराइच-I को 3-1 से पराजित कर लगातार चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया।फाइनल मैच का शुभारंभ 62वीं वाहिनी के कमांडेंट अमरेंद्र कुमार वरुण एवं श्रावस्ती के अतिरिक्त जिला अधिकारी (प्रशासन) ललित कुमार ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। इस अवसर पर दोनों अधिकारियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं।मुकाबले के दौरान दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल कौशल, अनुशासन और शानदार टीम भावना का परिचय दिया। तेज़ आक्रमण, सटीक पासिंग, मजबूत रक्षा पंक्ति और बेहतर तालमेल के बीच खेले गए मुकाबले में 62वीं वाहिनी ने 3-1 की जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया।विजेता टीम की सफलता में सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) एम. किरन कुमार सिंह की कप्तानी और रणनीतिक नेतृत्व की अहम भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास, अनुशासन और जुझारूपन का परिचय देते हुए यादगार प्रदर्शन किया

प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार आरक्षी बेनत तारो को मिला। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सर्वाधिक 14 गोल दागकर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का खिताब अपने नाम किया। उनकी शानदार फिनिशिंग और आक्रामक खेल शैली ने 62वीं वाहिनी की जीत में निर्णायक योगदान दिया।समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में कमांडेंट अमरेंद्र कुमार वरुण ने विजेता और उपविजेता दोनों टीमों को बधाई देते हुए कहा कि खेल प्रतियोगिताएँ जवानों में शारीरिक दक्षता, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आपसी समन्वय विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं।

  उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी उत्साह और समर्पण के साथ खेलों में भाग लेने का आह्वान किया।गौरतलब है कि 06 से 11 जुलाई तक आयोजित इस अंतर वाहिनी फुटबॉल प्रतियोगिता में विभिन्न वाहिनियों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य जवानों में शारीरिक फिटनेस, खेल भावना, नेतृत्व क्षमता और आपसी समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।