सोनीपत: टीडीआई टस्कन, कुंडली में एसआईआर-2026 को लेकर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित*

सोनीपत: टीडीआई टस्कन, कुंडली में एसआईआर-2026 को लेकर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित*
सोनीपत ( भा. सं .)। राई विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) मनीष मलिक के नेतृत्व में सोमवार को टीडीआई टस्कन, कुंडली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के अंतर्गत मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए आमजन को पात्रता मानदंडों, आवश्यक दस्तावेजों तथा सत्यापन प्रक्रिया के बारे में जागरूक करना था।
 कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों को बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 15 जून से 14 जुलाई, 2026 तक विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित एवं एकत्रित कर रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य नए पात्र मतदाताओं का पंजीकरण करना, मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन करना तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाकर एक पारदर्शी एवं विश्वसनीय निर्वाचक नामावली तैयार करना है।
 जागरूकता कार्यक्रम में मतदाताओं को पात्रता एवं सत्यापन संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 41 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं को वर्ष 2002 की मतदाता सूची के आधार पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी उपलब्ध करवानी होगी, जबकि 41 वर्ष से कम आयु के मतदाताओं को वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज अपने माता-पिता के विवरण प्रस्तुत करने होंगे। सत्यापन प्रक्रिया के लिए वर्ष 2002 की मतदाता सूची के संबंधित पृष्ठ की भौतिक प्रति उपलब्ध कराना भी आवश्यक होगा।
  इसके अतिरिक्त मतदाताओं को आधार नंबर, सक्रिय मोबाइल नंबर तथा एपिक (मतदाता पहचान पत्र) नंबर सहित अन्य आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि मतदाता सूची का अद्यतन कार्य समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
     निर्वाचक पंजीयन अधिकारी मनीष मलिक ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे बीएलओ द्वारा किए जा रहे घर-घर सत्यापन कार्य में पूर्ण सहयोग करें तथा निर्धारित समयावधि के भीतर अपने गणना प्रपत्र एवं आवश्यक दस्तावेज जमा करवाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और सभी की सहभागिता से ही शत-प्रतिशत त्रुटिरहित निर्वाचक नामावली तैयार की जा सकती है।