सीओ सदर के खिलाफ पत्रकारों की शिकायत
लखीमपुर खीरी में राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के पदाधिकारियों और पत्रकारों ने सीओ सदर पर फोन कॉल रिसीव न करने और संवाद से दूरी बनाए रखने का आरोप लगाया है। पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र देकर मामले में हस्तक्षेप और आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।
सीओ सदर पर पत्रकारों की अनदेखी का आरोप, एसपी को सौंपा गया शिकायत पत्र
फोन नहीं उठाते सीओ सदर! पत्रकारों में नाराजगी, एसपी से लगाई गुहार
लखीमपुर खीरी, (भा. सं) । सूचना व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद (रजि0) के पदाधिकारियों एवं पत्रकारों ने क्षेत्राधिकारी (सीओ) सदर पर पत्रकारों के फोन कॉल रिसीव न करने और संवाद से दूरी बनाए रखने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपा है। पत्रकारों का कहना है कि अपराध, कानून-व्यवस्था और जनहित से जुड़े मामलों में आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने के लिए कई बार संपर्क किया जाता है, लेकिन सीओ सदर का फोन न उठने से न सिर्फ सूचनाओं का प्रवाह प्रभावित हो रहा है, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही संवाद से बचते नजर आएं तो पारदर्शिता की बात बेमानी लगने लगती है। पत्रकारों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण घटनाओं में आधिकारिक पक्ष न मिलने से खबरों के प्रकाशन में अनावश्यक विलंब होता है और जनता तक सही एवं प्रमाणिक जानकारी समय पर नहीं पहुंच पाती। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद (रजि0) के जिला अध्यक्ष विमलेश पाण्डेय ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले मीडिया और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है, लेकिन यदि अधिकारियों के दरवाजे संवाद के लिए बंद हो जाएं तो यह व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा सकता।
पत्रकार संगठन ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि पत्रकारों को सूचनाएं प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। अब सवाल यह है कि क्या पत्रकारों की इस शिकायत पर प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर संवादहीनता का यह मुद्दा यूं ही चर्चा का विषय बना रहेगा ?
Bhartiya Samvad Desk 5