सोनीपत( भा. सं.)। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत शुक्रवार को हरियाणा राज्य परिवहन के चालक प्रशिक्षण संस्थान में नशे के विरुद्ध एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भावी चालक प्रशिक्षुओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें सुरक्षित एवं जिम्मेदार वाहन संचालन के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जागरूकता एवं पुनर्वास प्रभारी उपनिरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने चालक प्रशिक्षुओं को नशे के दुष्प्रभावों, इसके सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक प्रभावों तथा इससे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चालक समाज की सुरक्षा से सीधे जुड़े होते हैं। यदि वाहन चालक नशे की अवस्था में वाहन चलाता है तो वह स्वयं के साथ-साथ अनेक निर्दोष लोगों के जीवन को भी खतरे में डाल देता है। इसलिए प्रत्येक चालक का नशामुक्त, अनुशासित और जिम्मेदार होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
डॉ. वर्मा ने उपस्थित प्रतिभागियों को हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हेल्पलाइन 90508-91508 तथा भारत सरकार की राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नशे की तस्करी, बिक्री अथवा सेवन की सूचना इन नंबरों पर दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि नशा छोडऩे के इच्छुक व्यक्ति भी इन हेल्पलाइन के माध्यम से परामर्श एवं सहायता प्राप्त कर सकते हैं तथा सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन सडक़ दुर्घटनाओं, अपराधों और पारिवारिक विघटन जैसी गंभीर समस्याओं का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। इस दौरान चालक प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी श्री बलविंद्र गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा प्रदान करने के साथ-साथ सुरक्षित समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सभी चालक प्रशिक्षुओं एवं कर्मचारियों ने नशा न करने, सुरक्षित एवं जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय सहयोग देने की शपथ ली।