राज्यपाल ने सराही महिला समूहों की उद्यमशीलता

नैनीताल में आयोजित महिला स्वयं सहायता समूहों की उत्पाद प्रदर्शनी का राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं की रचनात्मकता, नवाचार, आत्मनिर्भरता और उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए डिजिटल मार्केटिंग व ब्रांडिंग पर जोर दिया।

राज्यपाल ने सराही महिला समूहों की उद्यमशीलता

नैनीताल, (भा. सं) । राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बुधवार को लोक भवन नैनीताल में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा आयोजित उत्पाद प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में नैनीताल जनपद के विकासखंड भीमताल, कोटाबाग, धारी, रामगढ़, हल्द्वानी एवं रामनगर की महिला स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। राज्यपाल ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित वुडन कलाकृतियों, ऐपण कला, बेकरी उत्पादों, अचार, जैम, मसालों तथा विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों का अवलोकन किया और महिलाओं की रचनात्मकता, गुणवत्ता, नवाचार तथा उद्यमशीलता की सराहना की। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों पर जाकर महिलाओं से संवाद किया तथा उनके कार्यों, उत्पादन प्रक्रिया और विपणन गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इस दौरान "लखपति दीदी" बनी महिलाओं को सम्मानित किया।  इस अवसर पर उत्तराखण्ड की मातृशक्ति अपनी मेहनत, लगन, प्रतिभा और संकल्प के बल पर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के भीतर अद्भुत रचनात्मक क्षमता, उत्पादकता और कुछ नया करने का जज्बा है, जो उन्हें विशिष्ट बनाता है। राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की गुणवत्ता, प्रस्तुतीकरण और विविधता में उल्लेखनीय सुधार दिखाई दे रहा है । महिलाओं ने केवल उत्पाद निर्माण तक स्वयं को सीमित नहीं रखा है, बल्कि गुणवत्ता सुधार, डिजिटलीकरण, विपणन और उपभोक्ता की आवश्यकताओं को समझते हुए अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार किया है। यह परिवर्तन महिलाओं के आत्मविश्वास और निरंतर उत्कृष्टता की ओर बढ़ते कदमों का प्रमाण है। उन्होंने महिला उद्यमियों से अपने उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। वर्तमान समय में केवल उत्पाद बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी विशिष्टता, आकर्षक प्रस्तुति और प्रभावी विपणन भी सफलता के महत्वपूर्ण आधार हैं।

 उन्होंने महिलाओं को अपने उत्पादों में अधिक से अधिक मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) और नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रथम महिला गुरमीत कौर, सीडीओ नैनीताल  अरविन्द पांडे, सहायक परियोजना निदेशक चंद्रा फर्त्याल, डीडीओ गोपाल गिरी गोस्वामी सहित स्वयं सहायता समूहों की सदस्य एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।