सोनीपत । सोनीपत विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी (आरओ)-कम-एसडीएम सुभाष चन्द्र ने मंगलवार को सभी सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ), सुपरवाइजरों एवं बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ बैठक कर मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
बैठक में एसडीएम सुभाष चन्द्र ने बताया कि सोनीपत विधानसभा क्षेत्र में एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाने का लगभग 72 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। अब तक कुल 2 लाख 56 हजार एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए गए हैं, जिनमें से 1 लाख 84 हजार फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि सभी दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण उपरांत 30 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
उन्होंने सभी बीएलओ को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नोटिस वितरण कार्य में तेजी लाएं तथा नोटिस जारी करते समय संबंधित मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी भी उपलब्ध करवाएं, ताकि आवेदन प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बीएलओ के पास जारी किए गए नोटिसों का नवीनतम विवरण होना चाहिए तथा इसकी दैनिक रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट की जाए।
एसडीएम ने कहा कि परिवार संबंधी विवरण दर्ज करते समय पिता एवं पुत्र की आयु में 15 वर्ष से कम तथा 50 वर्ष से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि नए आवेदन निर्वाचन आयोग की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार ही भरे जाएं। आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) से भी समन्वय स्थापित किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि यदि कोई बीएलओ फील्ड में कार्यरत है तो एईआरओ उसके साथ समन्वय स्थापित कर सुनवाई संबंधी कार्य भी पूर्ण कर सकते हैं। यदि किसी मतदाता के नाम अथवा अन्य विवरण में कोई त्रुटि रह गई है तो भौतिक सत्यापन कर घोषणापत्र के माध्यम से उसे संशोधित किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित एईआरओ द्वारा फोटो एवं उपस्थिति का सत्यापन अनिवार्य होगा।
एसडीएम ने बताया कि कार्यों के प्रभावी एवं समयबद्ध निष्पादन के लिए प्रत्येक एईआरओ के साथ दो अतिरिक्त सदस्यों तथा प्रत्येक सुपरवाइजर के साथ एक ग्रुप-डी कर्मचारी को जोड़ा जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि नोटिस वितरण एवं सुनवाई की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए जिन मामलों की सुनवाई की निर्धारित तिथि 28 सितंबर है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर 15 सितंबर तक पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने मतदाता पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देते हुए बताया कि जिन आवेदकों का जन्म 1 जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है, उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 दस्तावेजों में से किसी एक दस्तावेज की प्रति प्रस्तुत करनी होगी। जिन आवेदकों का जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के मध्य हुआ है, उन्हें दो दस्तावेज तथा 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे आवेदकों को तीन दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रपत्र-6 के साथ घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन फॉर्म) संलग्न नहीं किया गया है तो ऐसे आवेदन को पात्र नहीं माना जाएगा।
बैठक में एईआरओ किरण, दिनेश मलिक, लेक्चरर अमित, इलेक्शन कानूनगो कृष्ण हुड्डा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।